Wednesday, 24 April 2013

मुक्तक

सितारो से भरे फलक मे महताब लगती हो
दिल को सुकूं दे वो फज़र का ख्वाब लगती हो
क्या तुम्हारा रूप और क्या तुम्हारे जलवे
उम्र के इस दौर मे भी लाजवाब लगती हो
@संदीप सृजन

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