Sunday, 7 July 2013

सांकली दोहे - संदीप सृजन

नया प्रयोग ....सांकली दोहे ...

शब्द शब्द मे खोजते, हम ब्रह्मा का  वास ।
शब्द शब्द मे है भरा, जीवन का उल्लास ।।

जीवन का उल्लास है, प्रेम शब्द मे खास ।
घृणा शब्द देता सदा,  तन मन को संत्रास ।।

तन मन को संत्रास दे,  या दे हम उल्लास ।
दोनो में किसको चुने, शब्द हमारे पास।।

@संदीप सृजन

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