Wednesday, 15 May 2013

दोहा

हमने जब देखा कभी, कुछ सुन्दर सा ख्वाब|
राज महल हिलने लगे,दहल उठे महराब ||
@संदीप सृजन

सुंदर ख्वाब =भ्रष्टाचार मुक्त भारत
राज महल = राज नेता
महराब = अफसर

1 comment:

  1. bahut sundar ..blog ki sabhi rachnaayen utkrisht ..rachnaakar ko hardik badhaai .....

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